चारागाह भूमि पर कथित अतिक्रमण से ग्रामीणों में आक्रोश, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
ग्राम पटेवा में गौचर भूमि पर निर्माण विवाद गहराया, ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

राजनांदगाँव।
राजनांदगाँव जिले के ग्राम पंचायत पटेवा में चारागाह एवं घास भूमि पर कथित अतिक्रमण और निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस भूमि को वर्षों से गांव के मवेशियों एवं निराश्रित पशुओं के चराई क्षेत्र के रूप में उपयोग किया जाता रहा है, उसी भूमि पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर मामले की जांच एवं कार्रवाई की मांग की थी। उनका कहना है कि शिकायत के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का दावा है कि यह मामला विभिन्न समाचार पत्रों और समाचार चैनलों में भी प्रमुखता से प्रकाशित एवं प्रसारित हो चुका है, इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में बड़ी संख्या में मवेशी एवं लावारिस पशु हैं और चारागाह के लिए कोई वैकल्पिक भूमि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यदि उक्त भूमि पर निर्माण जारी रहता है तो पशुओं के लिए चारे और चराई की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चारागाह भूमि की प्रशासनिक जांच कराई जाए, यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वहीं इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।



