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चिरायु योजना ने बदली मासूम की जिंदगी, अब सुन पा रहा है अपनों की आवाज Tags:

सरकारी सहायता बनी संबल, मासूम ने पहली बार सुनी परिवार की आवाज

रायपुर ।  गांव की किसान खबरें

राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं गंभीर बीमारियों और जन्मजात समस्याओं से जूझ रहे बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण बन रही हैं। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के माध्यम से प्रदेश के जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी पहल के तहत बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड के ग्राम चैनपुर निवासी तीन वर्षीय देविक कुमार यादव का सफल कॉक्लियर इम्प्लांट कर उसे सुनने की नई दुनिया से जोड़ा गया है।

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जन्म से ही श्रवण संबंधी गंभीर समस्या से पीड़ित देविक की आवाज सुनने की क्षमता लगभग नहीं थी। परिवार ने उपचार के लिए विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क किया और दूसरे राज्यों में भी जांच कराई, लेकिन उपचार की अत्यधिक लागत आर्थिक रूप से बड़ी बाधा बन रही थी। इसी दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम ने स्वास्थ्य जांच के दौरान समस्या की पहचान की और परिजनों को चिरायु योजना के अंतर्गत उपलब्ध निःशुल्क उपचार की जानकारी दी।
आरबीएसके टीम के समन्वय से देविक को एम्स रायपुर में रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विस्तृत जांच के बाद 25 फरवरी 2026 को उसका सफल कॉक्लियर इम्प्लांट किया। ऑपरेशन के बाद अब देविक की श्रवण क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वह ध्वनियों को सुनने तथा अपने आसपास की आवाजों को पहचानने लगा है।

देविक के पिता श्री पुरंदर यादव ने बताया कि आर्थिक परिस्थितियों के कारण इस महंगे उपचार की कल्पना करना भी संभव नहीं था, लेकिन चिरायु योजना ने उनके बेटे के जीवन में नया उजाला ला दिया। उन्होंने शासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके बच्चे के बेहतर भविष्य का रास्ता खोल दिया है।

उल्लेखनीय है कि कॉक्लियर इम्प्लांट एक उन्नत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जिसका उपयोग ऐसे बच्चों के उपचार में किया जाता है जो जन्म से सुनने में असमर्थ होते हैं या जिनकी श्रवण क्षमता अत्यंत कम होती है। यह उपकरण सीधे श्रवण तंत्रिका को ध्वनि संकेत पहुंचाकर बच्चे को सुनने, समझने और बोलना सीखने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर किया गया कॉक्लियर इम्प्लांट बच्चों के भाषा विकास, शिक्षा और सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

राज्य में संचालित मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना और चिरायु कार्यक्रम ऐसे अनेक बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं, जिन्हें समय पर उपचार और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता होती है। इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है, जिससे बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है।

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हेम कुमार सतनामी

मैं हेमकुमार सतनामी, राजनंदगांव (छत्तीसगढ़) से हूँ और गाँव की किसान ख़बरें! का मुख्य संपादक हूँ। मेरा उद्देश्य किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की सच्ची व ज़मीनी खबरें आप तक पहुँचाना है। ताज़ा अपडेट के लिए Telegram और WhatsApp पर हमारे साथ जुड़ें।

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