कालाबाजारी रोकने मैदान में उतरी टीम, उर्वरक दुकानों में जांच अभियान तेज
उर्वरकों की अवैध जमाखोरी पर प्रशासन सख्त, कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई

राजनांदगांव । गांव की किसान खबरें
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में किसानों को सहकारी एवं निजी क्षेत्रों से आवश्यक मात्रा में उर्वरकों का सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ वितरण सुनिश्चित करने तथा उर्वरकों की अवैध जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम मुसराखुर्द स्थित मेसर्स लोधी कृषि केन्द्र के परिसर एवं गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम परिसर में 450 बैग यूरिया उर्वरक बिना ओ-फार्म लाइसेंस में दर्ज कराए भंडारित पाया गया। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के खंड-8 का उल्लंघन पाए जाने पर 450 बैग यूरिया को जप्त कर गोदाम को सील करने की कार्रवाई की गई। इसी तरह ग्राम मोहारा स्थित मेसर्स महादेव कृषि केन्द्र का भी उर्वरक निरीक्षक द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पॉश मशीन एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाए जाने पर केन्द्र में भंडारित 36 बोरी यूरिया, 28 बोरी डीएपी एवं 99 बोरी एनपीके 28 : 28 : 0 उर्वरक को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 की धारा 28(1)(डी) के तहत जप्त कर विक्रय परिसर को सील किया गया। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुकुलदैहान स्थित मेसर्स राजा कृषि केन्द्र के औचक निरीक्षण के दौरान 900 बोरी यूरिया बिना ओ-फार्म लाइसेंस में दर्ज कराए भंडारित पाया गया। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 की धारा 28(1) के तहत उक्त उर्वरक को जप्त कर केन्द्र पर 21 दिवस के लिए विक्रय प्रतिबंध लगाते हुए परिसर को सील किया गया।

उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आवश्यक दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में नियमानुसार आगामी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में उर्वरक विक्रय केन्द्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार डोंगरगढ़ श्री अमीय श्रीवास्तव, अतिरिक्त तहसीलदार श्री सोनित मेरिया, अनुभागीय कृषि अधिकारी श्री संतलाल देशलहरे, उर्वरक निरीक्षक श्री जीवनलाल चंद्रवंशी व श्री अविनाश दुबे सहित कृषि एवं राजस्व विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित रहे।




