कलेक्टर ने कृषि एवं पशुधन विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली
कृषि और पशुधन योजनाओं की प्रगति पर कलेक्टर ने की विस्तृत समीक्षा

कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने गत दिवस कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कृषि विभाग एवं पशुधन विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में खरीफ सीजन की तैयारियों, किसानों एवं पशुपालकों को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लक्ष्य पूर्ति को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर ने खरीफ क्षेत्राच्छादन अंतर्गत दलहन एवं तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने धान के स्थान पर अन्य फसलों का रकबा बढ़ाकर फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया तथा अरहर, उड़द, मूंग, मूंगफली एवं सोयाबीन जैसी फसलों का अधिकतम क्षेत्र विस्तार सुनिश्चित करने कहा।
प्रधानमंत्री प्राइज सपोर्ट सिस्टम अंतर्गत किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने हेतु अधिसूचित फसलों के क्षेत्र विस्तार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों की ई-केवाईसी एवं लैंड सीडिंग की कार्यवाही निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने कहा गया ताकि सभी पात्र हितग्राहियों को आगामी किस्त का लाभ समय पर प्राप्त हो सके।
कलेक्टर ने सभी पात्र किसानों के लक्ष्यानुरूप एक माह के भीतर किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए। साथ ही एग्रीस्टैक अंतर्गत किसानों का पंजीयन 31 मई तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने तथा आवश्यकता अनुसार शिविर आयोजित कर लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने कहा। खरीफ सीजन हेतु पर्याप्त मात्रा में बीज एवं उर्वरकों के भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जिले में उर्वरक डबल लॉक केंद्रों की कमी को देखते हुए मोहला, मानपुर एवं औंधी में तीन नवीन डबल लॉक केंद्रों हेतु प्रस्ताव प्रेषित करने निर्देशित किया गया। जैविक खाद कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने ढैंचा बीज वितरण, वर्मी कम्पोस्ट एवं बीजीए उत्पादन संबंधी कार्ययोजना पर चर्चा की तथा किसानों को जैविक खाद के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने निर्देश दिए।
पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले के सभी पशु चिकित्सालयों में दोनों पालियों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पशु रोगों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्राप्त टीकाद्रव्य की मात्रा के आधार पर लक्ष्य पूर्ति प्रतिशत तैयार करने कहा गया। एंटीरेबीज टीकाकरण अभियान के अंतर्गत नगर पंचायत एवं ग्राम पंचायतों के समन्वय से अधिक से अधिक आवारा श्वानों का टीकाकरण एवं आईजीपीवीवी उनकी पहचान हेतु मार्किंग सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया। कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने वर्ष 2026-27 के लक्ष्य की पूर्ति हेतु व्यापक कार्ययोजना तैयार करने, कार्यकर्तावार ग्राम मैपिंग करने तथा पशुधन मित्र योजना के अंतर्गत इच्छुक प्रशिक्षणार्थियों को एआई प्रशिक्षण हेतु पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दुर्ग भेजने के निर्देश दिए।
प्रत्येक विकासखंड स्तर पर कॉल सेंटर स्थापित कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट के नंबर 1962 का उपयोग एआई कॉल सेंटर के रूप में करने कहा गया। बैठक में जिले में 10 बकरी सोसाइटी एवं 6 डेरी सोसाइटी गठन का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके लिए ग्राम पंचायत एवं सहकारिता विभाग से समन्वय स्थापित करने निर्देशित किया गया। कृषक कौशल विकास योजना अंतर्गत राज्य के बाहर शैक्षणिक भ्रमण हेतु विस्तृत कैलेंडर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने पशुपालन केसीसी योजना अंतर्गत प्रत्येक पशु चिकित्सालय से 50 इच्छुक हितग्राहियों की सूची एलडीएम को उपलब्ध कराने कहा ताकि पात्र हितग्राहियों को बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त उपसंचालक डॉ. पुर्नेश्वर पुंड की अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित के निलंबन हेतु उच्च कार्यालय को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के तीनों विकासखंडों के एसएडीओ, आरएओ सहित कृषि एवं पशुधन विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।



