कुआं बना जीवन में बदलाव की वजह, अब सालभर खेती
मनरेगा से बदली किसान हेमंत साहू की किस्मत

रायपुर
कभी-कभी बारिश पर प्रतिबंध रहने वाले जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड बम्हनीडीह के ग्राम सरवानी के किसान साहूकारों के जीवन में अब बड़ा बदलाव आया है। मनरेगा के तहत खेत में बने किसान भाई ने अपनी खेती को नई दिशा दी है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
अव्यवसायी कर्मचारी हैं कि
पहले सींचल की सुविधा नहीं थी क्योंकि वे साल में केवल एक ही फसल लेते थे। खेत में अक्सर बच्चे रहते थे और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाता था। भविष्य को लेकर अवशेष बनी हुई थी।
मनरेगा योजना के तहत उनके खेत में व्यक्तिगत कुआं का निर्माण हुआ।
लगभग 2.99 लाख रुपये की लागत से इस पैरामीटर में स्थायी स्थिति की समस्या को दूर किया गया। साथ ही निर्माण कार्य के दौरान 357 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ, जिसमें गांव की मूर्तियों को काम मिला।
पोर्टफोलियो के निर्माण के बाद अब विलासिता साहू सालभर की खेती कर रहे हैं। उनके खेतों में टमाटर, बैंगन, भिंडी, पत्तागोभी, लोकी, काली मिर्च, करेला, खेड़ा और ककड़ी जैसी की खेती हो रही है। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
वकील बॅरी का कहना है कि
अब हर मौसम में खेती संभव हो गई है और वे भविष्य को और अधिक लक्ष्य लेकर आए हैं। श्री साहू की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही योजना, स्थानीय सहयोग और श्रम से लेकर ग्रामीण जीवन में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। लेबर ने न केवल सीक्वेंस की समस्या हल की, बल्कि किसानों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।




